कैसे लोग हो गये हैं ना हम

hindi shayri , nadi mein paon

कुछ दी पहले में छुट्टी बिताने एक नदी के किनारे गया. ऐसा लगा की कुछ अलग सा है. सोचा .. कैसे लोग हो गये हैं ना हम कि नदी में पावं डुबोना भी अब अंजाना सा लगता है और जाते […]